Saturday, May 23, 2009

यह जिन्दगी अब और नही सह सकेगी । जुल्म अब और दांत न दिखा सकेगा । बस ,देर है एक करवट बदलने की । फिर देख लेना यह जिन्द्दगी होगी सिर्फ मेरी, इस पर होगा मेरा ही होगा अधिकार, सिर्फ मेरा....

और मैं ज़िन्दगी जिऊंगा खूब शान से। देख लेना... खूब देख लेना .....