कितना अच्छा लगता है , जब कोई मुझे देखता है और मुस्कुरा देता है, मैं समझता हूँ की मैं भी कोई सख्सियत हों मुझे भी कोई दे सकता है एक मुस्कराहट ,भले ही वो प्यार की हो या इर्ष्या
की , म्रदुल हो या कुटिल , ! मैं तो इसी से खुश हूँ किसी
ने पहली बार ही सही मुझे मुस्करा कर देखा/ मैं भी तब से अपने को कुछ खास समझने लगा हूँ , अह कितना अच्छा लगा यह पल ... काश तुम मुस्कराती रहो हमेशा यूँ ही मेरे लिए सिर्फ मेरे लिए.......
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